वीआईपी जिला, लेकिन बदहाल व्यवस्था!
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में नहीं स्ट्रेचर-नहीं एंबुलेंस
अयोध्या।रामनगरी अयोध्या, जहाँ विकास और व्यवस्थाओं की मिसाल पेश करने के दावे किए जाते हैं, वहीं प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले इस शहर से स्वास्थ्य सेवाओं की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, दर्शन नगर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को परिजन चारपाई पर लादकर अस्पताल की इमरजेंसी तक ले जाते हैं। आरोप है कि उस वक्त न तो अस्पताल परिसर में एंबुलेंस मौजूद थी और न ही स्ट्रेचर या व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधा। मजबूर परिजनों के लिए यही आखिरी सहारा बचा कि चारपाई के सहारे मरीज को इमरजेंसी पहुंचाया जाए।
हालांकि, इमरजेंसी पहुंचते ही डॉक्टरों ने मरीज को तत्काल बेड उपलब्ध कराकर इलाज शुरू कर दिया, लेकिन उससे पहले जो हालात रहे, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर कर दिया।
स्वास्थ्य नियमों के अनुसार किसी भी मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर हर समय उपलब्ध रहना जरूरी है ताकि गंभीर स्थिति में मरीज को तुरंत मदद मिल सके। लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली सिटी अयोध्या में इन बुनियादी सुविधाओं का न होना हैरान करने वाला है।
लोगों का कहना है कि जब प्रदेश सरकार की सीधी नजर अयोध्या पर रहती है और करोड़ों के विकास कार्यों की घोषणा होती है, तो फिर अस्पतालों में ऐसी लापरवाही क्यों? आखिरकार सवाल यह उठता है कि अगर राजधानी से सटे अयोध्या जैसे वीआईपी जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की यह स्थिति है, तो फिर दूर-दराज के इलाकों में हालात कैसे होंगे?