रुदौली नगर सहित क्षेत्र की बाजारों में उमड़ा सुहाग और आस्था का रंग
आज चांद निकलेगा तो उसके साथ झिलमिलायेगा हर सुहाग सपना
अयोध्या। करवा चौथ भले ही कल है लेकिन इसकी रौनक आज से ही रुदौली नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। भेलसर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं करवा चौथ की तैयारियों में डूबी हुई हैं कहीं मेंहदी की खुशबू फैली है, तो कहीं पूजा की थालियां सजाई जा रही हैं।
रूदौली नगर के बाजारों में सुबह से ही जबरदस्त चहल-पहल देखी जा रही है। करवा,चूड़ियां, साड़ियां, सिंदूर और सजावटी थालियां खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है वहीं दुकानदारों ने भी त्योहार को देखते हुए नए डिजाइन और आकर्षक पैकिंग के साथ सामान सजाया है।
भेलसर गांव निवासिनी नीता जायसवाल कहती हैं की करवा चौथ का व्रत हमारे जीवन का सबसे पवित्र दिन होता है। दिनभर निर्जल रहने के बाद जब चांद देखकर पति का चेहरा देखती हूं,तो मन अपने आप खुशी और शांति से भर जाता है।
वहीं आकांक्षा जायसवाल बताती हैं यह पर्व सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि प्रेम और विश्वास की गहराई को महसूस कराने वाला अवसर है सोलह श्रृंगार कर पूजा करना और माता पार्वती की आराधना हमें आत्मिक संतोष देती है।
सुषमा कहती हैं करवा चौथ हमें यह सिखाता है कि रिश्तों की खूबसूरती सिर्फ दिखावे में नहीं, बल्कि उस निष्ठा में है जो पूरे दिन बिना जल और अन्न ग्रहण किए निभाई जाती है।
गांवों की महिलाएं पारंपरिक गीत गाते हुए पूजा की थालियां सजा रही हैं। करवा और दीपक को सजाने से लेकर मिठाइयां बनाने तक, हर घर में तैयारियों की गूंज है। चांद के निकलने से पहले हर सुहागिन अपनी थाली में सोलह श्रृंगार के साथ माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करने की तैयारी में जुटी है।आधुनिक दौर में महिलाएं ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल पूजा गाइड की मदद से भी तैयारी कर रही हैं। सोशल मीडिया पर करवा चौथ लुक और चांद के इंतजार वाले वीडियो खूब ट्रेंड कर रहे हैं, लेकिन पर्व की असली भावना वही पुरानी है प्रेम,विश्वास और अटूट साथ का वादा बन्धन। रूदौली नगर व क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों तक,आज हर घर में एक ही बात है कल चांद निकलेगा तो उसके साथ झिलमिलाएगा हर सुहाग का सपना।