अयोध्या। जब नीयत साफ हो, जज़्बा बुलंद हो और दिल में सेवा का भाव हो, तब इतिहास अपने आप बनता है। यही कर दिखाया सीएचसी रुदौली की अधीक्षक डॉ. फातिमा हसन ने, जिन्होंने एक ही दिन में 12 सफल सीजर ऑपरेशन कर यह साबित कर दिया कि सरकारी अस्पतालों में भी चमत्कार होते हैं बस नेतृत्व ईमानदार होना चाहिए।
सुबह से देर रात तक चला यह अभियान किसी मैराथन से कम नहीं था।
ऑपरेशन थिएटर में डॉ. फातिमा हसन के नेतृत्व में डॉ. धर्मेंद्र राव, डॉ. परवीन मौर्य, स्टाफ नर्स शशि, रंजना, चंद्र बहादुर यादव, टेकनीशियन संदीप और आया परवीन बानो की टीम ने एकजुट होकर काम किया।
नतीजा 12 माताएं और 12 नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ।
परिजनों की खुशी देखते ही बनती थी। किसी ने कहा सरकारी अस्पताल में ऐसा समर्पण कभी नहीं देखा।
तो किसी ने कहा डॉ. फातिमा जैसी डॉक्टर ही असली फरिश्ता हैं, जो रात-दिन बिना थके काम करती हैं।
डॉ. फातिमा हसन पहले सीएचसी सोहावल में तैनात थीं, जहां तमाम चुनौतियों और गुटबाजी के बावजूद उन्होंने हमेशा मरीजों को प्राथमिकता दी।
रुदौली आने के बाद उन्होंने अपने अनुभव और प्रबंधन कौशल से दिखा दिया कि ईमानदारी अगर दिल में हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या, डॉ. सुशील कुमार बानियान ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा डॉ. फातिमा और उनकी टीम ने जो कर दिखाया है, वह पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। एक दिन में 12 सुरक्षित डिलीवरी कर उन्होंने सरकारी चिकित्सा सेवाओं का चेहरा बदल दिया है।
रूदौली के लोग अब गर्व से कहते हैं यहां की सीएचसी अब किसी बड़े अस्पताल से कम नहीं, फर्क बस इतना है कि यहां सेवा में भावना है।