अयोध्या। भगवान सूर्य की उपासना और नारी शक्ति की अटूट आस्था का प्रतीक छठ महापर्व अयोध्या जनपद के रूदौली तहसील क्षेत्र के खेरनपुर स्थित रामनगर कॉलोनी में पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक आस्था और भक्ति के रंग में रंग दिया। कॉलोनी की गलियों में पूरे दिन जय छठी मइया के गीतों की गूंज सुनाई दी और वातावरण आध्यात्मिक रंग में डूबा रहा।
हर वर्ष की तरह इस बार भी महिलाओं ने सामूहिक रूप से कॉलोनी में गड्ढा खोदकर उसमें जल भरकर अस्थायी तालाब तैयार किया। वहीं पर सभी व्रती महिलाओं ने पूरे विधि-विधान से छठी मइया की पूजा-अर्चना की। सुबह की पहली किरण के इंतज़ार में खड़ी महिलाएं जैसे ही जल में उतरीं, पूरा माहौल भक्ति से सराबोर हो उठा।
सुहागिन महिलाएं परंपरागत वेशभूषा में लाल साड़ियों, माथे पर सिन्दूर की लंबी रेखा, हाथों में पूजा की डलिया लिए जल में खड़ी होकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती नजर आईं। ठेकुआ, फल, नारियल और दीपों की रौशनी से सजी पूजा डलिया इस भक्ति के क्षण को और भी पावन बना रही थी।
मौसम खराब रहने के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति में कोई कमी नहीं आई। सूर्य देव के दर्शन न हो पाने पर भी व्रती महिलाओं ने आस्था और विश्वास के साथ छठी मइया से परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की प्रार्थना की।
व्रती मंजू मिश्रा ने बताया छठ मैया की पूजा हमारे परिवार की परंपरा है। चाहे धूप हो या बादल, हमारी आस्था कभी डगमग नहीं होती।
वहीं वंदना मिश्रा ने कहा यह पर्व हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक है। हम सबने मिलकर छठी मइया से परिवार और समाज की खुशहाली की कामना की।
पूरे आयोजन के दौरान महिलाएं पारंपरिक गीत गाती रहीं, बच्चे प्रसाद वितरण में व्यस्त दिखे और श्रद्धालुओं की भीड़ इस पुण्य अवसर का साक्षी बनी रही। इस पावन मौके पर आशा मिश्रा, वंदना मिश्रा, राजन मिश्रा और धर्मेंद्र मिश्रा सहित कॉलोनी के कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
छठ महापर्व के समापन के साथ ही रामनगर कॉलोनी में श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला जिसने यह संदेश दिया कि आस्था की ज्योति हर परिस्थिति में जगमगाती रहती है।