बच्चों की देशभक्ति से सराबोर कविताएं, नज्में और नाटक बने आकर्षण का केंद्र
उलमा-ए-कराम ने दी इंसाफ, अमन और भाईचारे को कायम रखने की नसीहत
अयोध्या। रूदौली तहसील क्षेत्र के मदरसे शुक्रवार को सुबह-सुबह ही तिरंगे की रौनक से सज उठे। मदरसा हिदायत उलूम भेलसर और मदरसा दावत-उल-हक भेलसर समेत कई मदरसों में जब राष्ट्रीय ध्वज लहराया, तो बच्चों की आँखों में चमक और चेहरों पर मुस्कान साफ झलक रही थी।
हर तरफ़ देशभक्ति का माहौल था — मानो छोटी-सी जगह में पूरा हिंदुस्तान समा गया हो।
सुबह से ही बच्चे साफ-सुथरे कपड़े पहनकर मदरसा प्रांगण में इकट्ठा होने लगे।कुछ के हाथों में तिरंगा था, कुछ के चेहरे तिरंगे के रंगों से रंगे हुए थे।झंडारोहण और राष्ट्रगान के दौरान हर किसी की आँखों में गर्व और सम्मान की झलक साफ नजर आ रही थी।
राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया गया। सुबह से ही मदरसा प्रांगण बच्चों की चहक और देशभक्ति के गीतों से गूंज उठा।
ध्वजारोहण के बाद मदरसा हिदायत उलूम के प्रबंधक एडवोकेट इम्तियाज ने कहा कि यह आज़ादी हमारे पूर्वजों की कुर्बानियों का नतीजा है, इसलिए इसकी हिफाजत हर नागरिक का कर्तव्य है। मदरसा दावत-उल-हक के प्रबंधक मौलाना शब्बीर नदवी ने कहा कि 15 अगस्त हमें एकजुट होकर मुल्क की तरक्की की राह पर बढ़ने का संकल्प देता है।
प्रधानाचार्य मुजाहिदुल इस्लाम नदवी ने अंग्रेजी हुकूमत के दौर को याद करते हुए कहा कि जुल्म कभी कायम नहीं रहता, अंततः इंसाफ और हक की जीत होती है। मौलाना नायाब नदवी ने मदरसों की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया, जबकि मौलाना सऊद नदवी ने युवाओं को देश की अखंडता को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने की हिदायत दी।
इस मौके पर बच्चों ने देशभक्ति से लबरेज़ कविताएं, नज्में और लघु-नाटिकाएं पेश कीं। कभी शहीदों की कुर्बानी पर तालियों की गूंज सुनाई दी तो कभी हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे पूरे प्रांगण में गूंज उठे।
कार्यक्रम के अंत में मौलाना अदनान ने देश की खुशहाली और अमन-चैन के लिए विशेष दुआ की। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, अभिभावक और बच्चे मौजूद रहे।