दीपोत्सव 2025 में कला और आस्था का अनोखा संगम
अयोध्या। दीपोत्सव 2025 में राम की पैड़ी पर इस बार 80 हजार दीपों से सजी विशाल रंगोली आकर्षण का केंद्र बनेगी। पारंपरिक चौक पूरने की कला पर आधारित यह दीप-रंगोली मिट्टी के दीयों, प्राकृतिक रंगों और फूलों से तैयार की जा रही है।
रंगोली में कलश, स्वास्तिक और कमल पुष्प जैसी पारंपरिक आकृतियों को शामिल किया गया है। ये प्रतीक समृद्धि, शुभता और भक्ति के भावों को दर्शाते हैं। ऊपर से देखने पर यह रंगोली एक जीवंत दृश्य प्रस्तुत करेगी, मानो अयोध्या स्वयं श्रीराम के स्वागत में सजी हो।
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की कला विभाग की 50 छात्राओं की टीम इस रंगोली को तैयार कर रही है। कला विभाग की संयोजक डॉ. सरिता द्विवेदी ने बताया कि “हर रंग और हर दीया श्रद्धा का प्रतीक है। यह केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक आत्मा का प्रदर्शन है।”
रंगोली के निर्माण में पारंपरिक गेरू, चावल के आटे और मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि इसकी मौलिकता बनी रहे। स्थानीय कारीगर दीपों की सजावट में सहयोग दे रहे हैं।
दीपोत्सव की रात जब ये 80 हजार दीप प्रज्वलित होंगे, तो राम की पैड़ी का दृश्य अद्भुत होगा — मानो धरती पर उजाले की एक जीवंत छवि उतर आई हो।