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रुदौली में भू-माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: 2 करोड़ की सरकारी ज़मीन कब्ज़ामुक्त, बुल्डोज़र चला

Muhammad Alam
Muhammad Alam
Updated Sep 17, 2025
रुदौली में भू-माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: 2 करोड़ की सरकारी ज़मीन कब्ज़ामुक्त, बुल्डोज़र चला

अयोध्या। रुदौली तहसील अंतर्गत सरांयपीर गांव में हाइवे किनारे की सरकारी भूमि पर चल रहे अवैध कब्ज़े पर मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। एसडीएम विकास धर दूबे के नेतृत्व में राजस्व व पुलिस की टीम ने भू-माफियाओं द्वारा बनाई गई बाउंड्रीवाल को बुल्डोज़र से ध्वस्त कर करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी भूमि को कब्ज़ा मुक्त कराया।
सूत्रों के मुताबिक, भू-माफियाओं ने तहसील कर्मियों की मिलीभगत से 100 एयर के बजाय 223 एयर भूमि का फर्जी बैनामा कर दाखिल-खारिज भी करा लिया था। सरकारी खड़ंजा तक रातोंरात उखाड़कर निशान मिटा दिया गया था और प्लॉटिंग की तैयारी चल रही थी। 
मामला सामने आते ही एसडीएम ने तत्काल टीम गठित कर भूमि की पैमाइश कराई। रिपोर्ट में 123 एयर सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा सामने आया। इसके बाद नायब तहसीलदार शेखर शुक्ला, राजस्व निरीक्षक अनिल यादव, लेखपाल अंकित श्रीवास्तव सहित पुलिस बल के साथ कार्रवाई करते हुए कब्ज़ा हटाया गया और जमीन की बैरिकेडिंग कर सुरक्षित कर दी गई। एसडीएम विकास धर दूबे ने कार्रवाई के बाद भू-माफियाओं को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा सरकारी ज़मीन को किसी भी हाल में ग़लत हाथों में नहीं रहने दिया जाएगा। जो लोग सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा किए बैठे हैं, वे तुरंत खुद अतिक्रमण हटा लें। ऐसा न करने पर प्रशासन न केवल बलपूर्वक कब्ज़ा हटाएगा बल्कि संबंधित लोगों के खिलाफ राजस्व व आपराधिक दोनों तरह की कार्रवाई भी की जाएगी। इसमें फर्जी बैनामा और मिलीभगत की जांच भी होगी। दोषी चाहे सरकारी कर्मचारी हो या भू-माफिया, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों की सूची तैयार करना शुरू कर दी है। जहाँ भी सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा पाया जाएगा, वहाँ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।अतिक्रमण हटवाकर ज़मीन को सुरक्षित व चिन्हांकित किया जाएगा। इस कार्रवाई ने भू-माफ़िया और सरकारी ज़मीन कब्ज़ाने वालों की नींद उड़ा दी है। पूरे क्षेत्र में अफ़रा-तफ़री और डर का माहौल है। जो लोग अब तक सरकारी ज़मीन पर दबंगई से कब्ज़ा किए बैठे थे, उनके हौसले टूट गए हैं। प्रशासन की सख़्ती ने यह साफ़ कर दिया है कि अवैध कब्ज़ों के दिन गिने-चुने रह गए हैं। हर कब्ज़ेदार पर क़ानून की गाज गिरने का खतरा मंडरा रहा है।

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